पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जीवन परिचय, उम्र, शादी, परिवार, कांटेक्ट नंबर, नागपुर विवाद (Dhirendra Krishna Shastri Biography in Hindi)

Dhirendra Krishna Shastri Biography in Hindi | पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जीवन परिचय | धीरेंद्र कृष्ण महाराज बागेश्वर धाम | धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बायोग्राफी | पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जीवन परिचय और नागपुर विवाद की सभी जानकारी

अपनी मंत्र शक्ति के दम पर लाखों लोगों का जीवन परिवर्तित करने का दावा करने वाले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आज किसी परिचय के मोहताज नहीं है।

मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव में रहने वाले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri Ji) आज देश के अलग-अलग राज्यों से लेकर के विदेशों की यात्रा कर रहे हैं और राम कथा तथा दिव्य दरबार का आयोजन कर रहे हैं। अपने सफर में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बागेश्वर धाम सरकार जी को जितनी प्रसिद्धि मिली उतनी ही आलोचना भी मिली।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जीवन परिचय, उम्र, शादी, (Dhirendra Krishna Shastri Ka Jivan Parichay)

कई लोग इन्हें पाखंडी कहते हैं तो कुछ लोग इन पर आंख मूंदकर विश्वास करते हैं। आखिर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कौन है, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का परिवार, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कांटेक्ट नंबर क्या सभी जानकारी जानेगे। और कैसे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के द्वारा बागेश्वर धाम को देश और दुनिया भर में प्रसिद्ध बनाया गया।

इसके बारे में आज हर कोई जानना चाहता है, तो आइए आज “पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की जीवनी हिंदी में” पढ़ते हैं और जानते हैं कि “पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कौन है” और “बागेश्वर धाम का इतिहास क्या है?”

Table of Contents

बागेश्वर धाम बाबा का व्यक्तिगत जीवन (Dhirendra Krishna Shastri Ka Jivan Parichay)

पूरा नाम:श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री गर्ग  
प्रसिद्ध नाम:  बागेश्वर वाले बाबा, बुलडोजर वाले बाबा
पिता:रामकृपाल गर्ग  
माता:सरोज गर्ग  
भाई:  दो
बहन:  एक
धर्म:  हिंदू
जाति:  ब्राह्मण
प्रमुख मित्र:शेख मुबारक, राजाराम  
जन्म तिथि:4 जुलाई 1996  
जन्म स्थान:गड़ा गांव, जिला छतरपुर, मध्य प्रदेश  
भक्त:हनुमान महाराज  
गुरु:  श्री सन्यासी महाराज
वैवाहिक अवस्था:  अविवाहित
भाषाओं के जानकार:हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, बुंदेली  
प्रोफेशन:कथावाचक, सनातन धर्म प्रचारक  
प्रसिद्ध:दिव्य दरबार के लिए  
शैक्षिक योग्यता:  ग्रेजुएट
शैक्षिक डिग्री:बी.ए  

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का प्रारंभिक जीवन

अपने आपको हनुमान महाराज का परम भक्त बताने वाले और सनातन हिंदू धर्म का झंडा दुनिया भर में गाड़ने की इच्छा रखने वाले परम पूज्य श्री पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जन्म हमारे भारत देश के मध्य प्रदेश राज्य के छतरपुर जिले में आने वाले गड़ा नाम के गांव में एक सामान्य ब्राह्मण परिवार में साल 1996 में 4 जुलाई के दिन हुआ था।

वर्तमान में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के द्वारा बागेश्वर धाम के प्रमुख पीठाधीश्वर के पद को संभाला जा रहा है और देश भर में अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग जगहों पर राम कथा और दिव्य दरबार का आयोजन किया जा रहा है।

रामकथा में ‘Dhirendra Krishna Shastri‘ के द्वारा भागवत कथा कही जाती है, वही दिव्य दरबार में इनके द्वारा लोगों की समस्याओं का निदान किया जाता है और बिना बताए हुए लोगों की समस्या पहले ही एक पन्ने पर लिख दी जाती है और जो भी बातें बागेश्वर धाम के द्वारा बताई जाती है वह बातें बिल्कुल 100 पर्सेंट सही होती है।

जैसे धनवान बनने के 10 उपाय बागेश्वर धाम, आधी हकीकत आधा फसाना बागेश्वर धाम और बहुत सी बाते है तो सही तो है, इस बात की तसल्ली कई न्यूज़ चैनलो के रिपोर्टरो ने भी कर ली है।

अभी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की उम्र 26 साल हो चुकी है। इन्हें बागेश्वर धाम वाले बाबा के तौर पर भी काफी प्रसिद्धि मिली हुई है। Dhirendra Krishna Shastri Ji अक्सर अपने बयानों में सनातन धर्म को मजबूती देने का काम करते हैं। इनके द्वारा हिंदू समुदाय को अलग-अलग धार्मिक मुद्दों पर जागरूक करने का काम किया जाता है।

देश के ऐसे इलाके जहां पर आदिवासी समुदाय की जनसंख्या ज्यादा है वहां पर मुख्य तौर पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री राम कथा का आयोजन करना पसंद करते हैं। समय-समय पर पंडित जी के द्वारा हिंदू लड़कियों को लव जिहाद से सावधान रहने के लिए भी समझाया और बताया जाता है। हिंदुत्व का कोई भी मुद्दा क्यों ना हो, धीरेंद्र कृष्ण जी उस पर खुल कर के अपने विचार व्यक्त करते हैं।

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पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की शिक्षा (Dhirendra Krishna Shastri Education)

जब पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री थोड़े समझदार हुए तब इनके माता-पिता के द्वारा इनका एडमिशन प्रारंभिक पढ़ाई के उद्देश्य से गांव के ही एक स्कूल में करवा दिया गया। पंडित जी ने यहां से अपनी प्रारंभिक पढ़ाई पूरी की और उसके बाद आगे की पढ़ाई करने के लिए इन्होंने वृंदावन जाने का मन बनाया।

दरअसल पंडित जी वृंदावन जाकर के कर्मकांड की पढ़ाई करना चाहते थे परंतु इस काम में इनकी गरीबी आड़े आ गई। इनके परिवार की आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी। इसलिए यह वृंदावन जाकर के कर्मकांड की पढ़ाई नहीं कर सके।

हालांकि पंडित जी ने इसके पश्चात धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करने पर और भी जोर दिया और इस काम में इनका साथ इनके दादाजी ने दिया जिनका नाम आज के समय में सन्यासी बाबा के तौर पर ज्यादा प्रसिद्ध है।

धीरेंद्र कृष्ण अपने दादा जी से काफी घुले मिले हुए थे। इसलिए इनके दादा जी के द्वारा इन्हें रामायण और महाभारत की शिक्षा बड़े पैमाने पर कम उम्र में ही प्रदान कर दी गई थी। धीरेंद्र कृष्ण ने गांव में ही मौजूद हनुमान मंदिर में थोड़े समय के पश्चात साफ हो करके ध्यान लगाना भी चालू कर दिया था।

इन्होंने 12वीं क्लास तक की पढ़ाई सफलतापूर्वक पूरी की थी परंतु यह कर्मकांड की पढ़ाई करने में असफल रहे। हालांकि इन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट की पढ़ाई प्राइवेट एजुकेशन का फॉर्म भर कर पूरी की। बागेश्वर धाम वाले बाबा जी को बुंदेली, हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत भाषा का अच्छा ज्ञान है। हालांकि अधिकतर यह बुंदेली भाषा ही बोलना पसंद करते हैं।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का परिवार (Dhirendra Krishna Shastri Family)

माता सरोज गर्ग के गर्भ से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जन्म हुआ था। इनके पिता जी का नाम श्रीमान रामकृपाल गर्ग था, जो कि ब्राह्मण समुदाय से तालुकात रखते हैं। धीरेंद्र कृष्ण के दादाजी का नाम भगवानदास था, जो कि एक बहुत ही बेहतरीन लेखक थे, जिन्हें अलग-अलग मुद्दों पर काफी अच्छा ज्ञान था।

इनके दादा जी हिंदुओं के प्रसिद्ध अखाड़े निर्मोही अखाड़े के साथ भी जुड़े हुए थे। बता दें कि धीरेंद्र शास्त्री के दो भाई और एक बहन भी है जिनके बारे में ज्यादा जानकारी अभी ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है। बागेश्वर वाले बाबा जी को वर्तमान के समय में जो ज्ञान प्राप्त हुआ है वह ज्ञान इन्हें इनके दादा जी के द्वारा ही प्रदान किया गया है।

हालांकि आज के समय में इनके दादा जी इस दुनिया में जीवित नहीं है परंतु वह अदृश्य तौर पर धीरेंद्र की सहायता अवश्य करते हैं। इसके लिए अपनी कथा के दरमियान समय-समय पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के द्वारा सन्यासी बाबा की जय का नारा खुद भी लगाया जाता है और भक्तों से भी लगवाया जाता है।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का कैरियर (Guru Of Dhirendra Krishna Shastri Career)

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का मन बचपन से ही राम भगवान के उपदेशों को सुनने में और हनुमान सुंदरकांड का पाठ करने में लग गया था। जैसे ही इन्हें समय मिलता था वैसे ही यह नहा धोकर के रामायण, महाभारत, भागवत और अन्य हिंदू धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन एकांत जगह पर बैठकर के करते थे।

शुरुआती दिनों में यह वृंदावन जाकर कर्मकांड की पढ़ाई करना चाहते थे परंतु गरीबी की वजह से ऐसा नहीं कर सके। हालांकि इसके बाद इन्होंने अपने गांव के पास में मौजूद हनुमान मंदिर में प्रति शनिवार और मंगलवार जाकर के ध्यान लगाना शुरू कर दिया और सुंदरकांड का पाठ करना भी प्रारंभ कर दिया।

ध्यान लगाने के साथ-साथ सुंदरकांड का पाठ करने की वजह से धीरे-धीरे धीरेंद्र कृष्ण महाराज बागेश्वर धाम के साथ इनके गांव के और लोग जुड़ने लगे और लोग इन्हें गुरु स्वरूप में मानने लगे।

बता दें कि इनके दादा जी अर्थात स्वर्गीय सन्यासी बाबा अपने जीवित रहते हुए बालाजी हनुमान के मंदिर के बगल में ही सत्यनारायण भगवान की कथा सुनाने का काम करते थे और वहां पर उनके द्वारा भी दिव्य दरबार का आयोजन किया जाता था, जहां पर भक्तों की समस्याओं का निदान यथासंभव किया जाता था।

इस काम के बदले में काफी चढ़ावा भक्तों के द्वारा बालाजी मंदिर में चढ़ाया जाता था परंतु कभी भी बालाजी मंदिर में चढ़ाए गए धन का इस्तेमाल सन्यासी बाबा ने अपने किसी भी व्यक्तिगत काम के लिए नहीं किया।

जैसे जैसे समय व्यतीत होता गया, वैसे वैसे पंडित शास्त्री को अपने गुरु के आशीर्वाद से और हनुमान महाराज की सेवा भक्ति की वजह से अनेक सिद्धियां धीरे-धीरे मिलना चालू हो गई और उन्हीं सिद्धियों के दम पर धीरे-धीरे इन्होंने लोगों का भला करना भी चालू कर दिया। इसलिए लोग इन्हें चमत्कारी महाराज के नाम से भी बुलाने लगे।

इस प्रकार राम और हनुमान कथा का आयोजन करते करते तथा जनकल्याण का काम करते-करते कुछ मीडिया समाचार चैनलों ने और लोकल अखबारों ने इन्हें कवर करना चालू किया और इस प्रकार देखते-देखते पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की प्रसिद्धि फैलती गई और वर्तमान के समय में आज ना तो पंडित जी किसी भी परिचय के मोहताज है ना ही बागेश्वर धाम सरकार किसी परिचय का मोहताज है।

बागेश्वर धाम क्या है?

बागेश्वर धाम को बागेश्वर बालाजी हनुमान जी भी कहा जाता है। हमारे भारत देश के मध्य प्रदेश राज्य के छतरपुर जिले के अंतर्गत एक गड़ा नाम का गाव आता है, इसी गांव में बागेश्वर बालाजी की विशाल मूर्ति मौजूद है, जिनके बारे में कहा जाता है कि इस मूर्ति की स्थापना किसी भी व्यक्ति के द्वारा नहीं की गई है बल्कि यह मूर्ति अपने आप ही पैदा हुई है अर्थात यहां पर हनुमान महाराज की खुद से उत्पन्न हुई मूर्ति मौजूद है।

हनुमान महाराज के इस मंदिर को प्रसिद्धि दिलाने में मुख्य तौर पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण की काफी अहम रोल है। आज इस हनुमान मंदिर को देखने के लिए और यहां के दर्शन करने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से भक्तों की भारी भीड़ आ रही है जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी प्राप्त हो रहा है।

बागेश्वर धाम मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां पर जो भक्त तकरीबन चार से पांच मंगलवार की पेशी लगातार सभी नियमों का पालन करके पूरा करता है उसके मन की इच्छा हनुमान महाराज अवश्य पूरी करते हैं।

बागेश्वर धाम में घर बैठे अर्जी कैसे लगाएं?

यहां पर भक्तों की जो समस्या होती है उसे बालाजी महाराज अर्जी के माध्यम से सुनने का काम करते हैं और बालाजी महाराज के द्वारा तथा सन्यासी बाबा के द्वारा जो प्रेरणा दी जाती है उसी प्रेरणा के आधार पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के द्वारा भक्तों का पर्चा बनाया जाता है जिसमें उनकी समस्या और समस्या का समाधान लिखा हुआ होता है।

बागेश्वर धाम में अर्जी लगाने के लिए ना तो कोई पैसा देना होता है ना ही धीरेंद्र कृष्ण जी से मिलने के लिए कोई पैसा देना होता है, ना ही उनका मार्गदर्शन या फिर परामर्श हासिल करने के लिए कोई भी खर्चा करना होता है।

यहां पर Dhirendra Krishna Shastri Katha Fees नहीं लेते है। इसके अलावा यहां पर अन्नपूर्णा भंडारा भी चलता रहता है जिसमें कोई भी व्यक्ति बिना किसी भेदभाव के भोजन ग्रहण कर सकता है।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कांटेक्ट नंबर (Dhirendra Krishna Shastri Ji Se Kaise Mile)

यहां पर जिन भक्तों की अर्जी पेशी के लिए लग जाती है उन्हें यहां पर हर मंगलवार को जो दरबार लगता है उसमें शामिल होना पड़ता है और आरती में भी शामिल होना पड़ता है तथा आरती ग्रहण करके मंदिर का प्रसाद खा कर के और महाराज के दर्शन करके अपनी पेशी पूरी करनी होती है।

मंगलवार के दिन ही यहां पर भूत प्रेत दरबार का भी आयोजन होता है, जहां पर जिन लोगों को भूत प्रेत पकड़े हुए होते हैं, उनकी समस्या का समाधान होता है।

बागेश्वर धाम का टोकन हासिल करने के लिए आपको धाम के अंदर एक पेटी मिल जाती है। इसी पेटी में आपको एक सादे पन्ने पर अपना नाम, अपने पिता का नाम, अपने गांव जिला का नाम, अपने राज्य का नाम और पिन कोड नंबर तथा फोन नंबर लिख करके डाल देना होता है।

जब आपका नंबर आता है तो आप की पर्ची पर लिखे हुए नंबर पर कॉल किया जाता है और आपको निश्चित दिन बागेश्वर महाराज के दरबार में आने के लिए कहा जाता है, साथ ही बागेश्वर धाम का व्हाट्सएप नंबर यानि बागेश्वर धाम कांटेक्ट नंबर पर ही आपको टोकन नंबर भी दे दिया जाता है।

दिव्य दरबार क्या है?

बागेश्वर धाम का दिव्य दरबार तो बागेश्वर धाम में लगता ही है, इसके अलावा पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की इच्छा के अनुसार यह दरबार किसी भी जगह पर लगाया जा सकता है। बागेश्वर धाम के दिव्य दरबार में ऐसे लोगों की समस्या का निवारण किया जाता है जो लोग भूत-प्रेत की समस्या से परेशान होते हैं या फिर अपने कैरियर या फिर अन्य किसी समस्या का समाधान चाहते हैं।

दिव्य दरबार में महाराज जी के द्वारा जिन लोगों को बुलाया जाता है उन लोगों की समस्या पहले ही एक पन्ने पर लिख दी जाती है और उसके बाद लोगों से अपनी समस्या माईक पर बताने के लिए कहा जाता है। लोगों के द्वारा जब अपनी समस्या बताई जाती है तो महाराज जी के द्वारा पन्ने पर लिखी गई बातों को दिखाया जाता है और यह गजब का चमत्कार है कि महाराज जी की बातें और लोगों की बातें दोनों एक दूसरे से 100 परसेंट मेल खाती है।

महाराज जी के द्वारा ना सिर्फ समस्या का कारण बताया जाता है बल्कि समस्या का समाधान करने के विभिन्न उपाय भी बताए जाते हैं, जिसके अंतर्गत जो उपाय होते हैं वह सभी सात्विक उपाय होते हैं। उपायों के अंतर्गत किसी व्यक्ति को 3 माला का जाप करना होता है तो किसी व्यक्ति को अपने कुल देवी देवता को कोई चीज अर्पण करनी होती है, तो किसी को अन्य कोई धर्मिक क्रिया करनी होती है।

बागेश्वर धाम जी का दिव्य दरबार अभी तक नागपुर, पटना, महाराष्ट्र, यूपी के कई जिले, मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, छत्तीसगढ़ के रायपुर, दिल्ली, हरियाणा देश के अन्य राज्यों और विदेशों में भी लग चुका है। यहां तक कि बागेश्वर बालाजी के द्वारा अपना दिव्य दरबार अमेरिका जैसे देश में भी लगाया जा चुका है।

बागेश्वर धाम की सच्चाई क्या है?

बागेश्वर धाम का सच की बात करे तो बागेश्वर धाम वाले बाबाजी जितना ज्यादा प्रसिद्ध हो रहे हैं उतना ही ज्यादा इनका विरोध भी हो रहा है। इनका विरोध करने के पीछे मुख्य तौर पर हिंदुत्व विरोधी शक्तियां लगी हुई है जिसके द्वारा पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि वह अंधविश्वास फैलाते हैं।

और लोगों को ठगने का काम करते हैं और मुख्य तौर पर उनका उद्देश्य पैसा कमाना और प्रसिद्धि प्राप्त करना है, परंतु ‘Dhirendra Krishna Shastri Youtube Channel’ पर ऐसे कई वीडियो मौजूद है जिसमें स्वयं भक्तों के द्वारा यह कहा जा रहा है कि उनकी काफी पहले की समस्या बागेश्वर धाम में आने से सही हो गई और उन्हें पहले से काफी आराम है।

भक्तों की जुबानी के अनुसार बागेश्वर धाम वाले बाबा जी के पास हनुमान महाराज की सिद्धि और अपने गुरु सन्यासी बाबा की सिद्धि मौजूद है। बता दें कि सन्यासी बाबा के बारे में कहा जाता है कि वह अब एक सिद्ध बरम बाबा बन चुके हैं। बरम बाबा हिंदुओं में एक बहुत ही पावरफुल शक्ति होती है।

इनके पास इतनी ताकत होती है कि यह 10000 से भी अधिक भूत चुड़ैल को अपनी लंगोट में बांधकर घूमे।

भूत भविष्य और काल ज्ञान देने के लिए बरम बाबा की शक्ति काफी तेज गति से काम करती है। इन्हीं शक्तियों के दम पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के द्वारा लोगों को भूत प्रेत की समस्या से छुटकारा दिलाया जाता है और उनके मन में पैदा होने वाले सवालों का संतुष्टि जनक जवाब दिया जाता है।

ऐसे प्रसिद्ध हुआ बागेश्वर धाम

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जिस गांव में रहते थे, उस गांव के लोगों के द्वारा इन्हें धीरू नाम से पुकारा जाता था। इनके गांव में भगवान महाकाल का एक मंदिर मौजूद था।

इसी मंदिर को इन्होंने अपने कथा पाठ करने का स्थान बनाया और यहां पर धीरे-धीरे इन्होंने कथा पढ़ना शुरू किया और जैसे जैसे समय व्यतीत होता गया वैसे वैसे इस जगह के बारे में लोग जानने लगे और इसी जगह को बागेश्वर मंदिर कहा जाने लगा, जिसे वर्तमान के समय में बागेश्वर धाम के नाम से प्रसिद्धि मिली हुई है।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री जी ने गांव के कई लोगों का सहयोग लेकर के साल 2016 में यहां पर एक बड़े यज्ञ का आयोजन भी करवाया था और इसी जगह पर एक बड़ी सी हनुमान जी की प्रतिमा को भी स्थापित किया। यह भी कहा जाता है कि उनके गुरु अर्थात सन्यासी बाबा की समाधि भी इसी मंदिर के पास में ही मौजूद है।

जो लोग बागेश्वर धाम के दर्शन करने आते हैं उन्हें सन्यासी बाबा के दर्शन भी अवश्य करने होते हैं। सन्यासी बाबा अपने जीवित रहते हुए भगवान हनुमान के परम भक्त थे और वर्तमान के समय में भी वह अदृश्य तौर पर हनुमान भगवान के सेवादार हैं।

जान लेते हैं मन की बात (Dhirendra Krishna Shastri Wikipedia)

बागेश्वर धाम वाले बाबा जी के प्रसिद्ध होने की सबसे बड़ी वजह है इनके द्वारा बिना बताए हुए किसी भी व्यक्ति के मन की बातों को जान लेना। ऐसा भी नहीं है कि यह मन की बातों को जानने का सिर्फ अंदाजा लगाते हैं बल्कि इनके द्वारा जो बातें बताई जाती है वह 100 पर्सेंट सामने वाले व्यक्ति के मन में चल रही बातों से मेल खाती है।

आप चाहे तो सोशल मीडिया पर इनके कई वीडियो इससे संबंधित देख सकते हैं। बागेश्वर बालाजी का दरबार चलाने वाले पंडित जी के द्वारा लोगों की मन की बातें पहले ही एक पन्ने पर लिख दी जाती है।

कई लोगों के द्वारा यह कहा गया है कि बाबाजी जो काम करते हैं वह फर्जी है, परंतु बाबा जी ने हमेशा से ही इन बातों को खारिज किया हुआ है। पंडित जी का कहना है कि उनके पास हनुमान महाराज और परम पूज्य सन्यासी बाबा की सिद्धि है, जिनके द्वारा वह मन की बातें जान लेते हैं और वही बातें वह सादे पन्ने पर लिखते हैं।

क्या बागेश्वर धाम में होती है फेस रीडिंग (बागेश्वर धाम की सच्चाई क्या है?)

फेस रीडिंग एक ऐसी चीज है, जिसके द्वारा किसी भी व्यक्ति के चेहरे को ध्यान से देख कर के उसके मन में चल रहे हाव-भाव या फिर मन में चल रही बातों को जाना जा सकता है। काफी लोग यह कहते हैं कि बागेश्वर वाले बाबा जी फेस रीडिंग करते हैं।

जबकि अगर गहराई से देखा जाए तो इसमें कुछ भी सच्चाई नहीं है, क्योंकि जब किसी भी व्यक्ति के द्वारा फेस रीडिंग की जाती है तो सामने वाले व्यक्ति का चेहरा 2 से 5 मिनट या फिर और भी अधिक समय के लिए देखा जाता है और उसके बाद अंदाज के तौर पर कुछ बातें बताई जाती है, जिनमें से कुछ बातें सही होती है तो कुछ बातें गलत होती है।

परंतु बागेश्वर धाम में ऐसा कुछ भी नहीं होता है। बागेश्वर धाम में शास्त्रीजी के द्वारा बिना व्यक्ति का चेहरा देखे हुए उसके मन में चल रही बातों को पहले ही एक सादे पन्ने पर लिख दिया जाता है और जब व्यक्ति अपने सवाल पूछता है या फिर अपने मन की बातें कहता है, तो उसकी बातें जो बातें सादे पन्ने पर लिखी हुई है उससे बराबर मेल खाती है। यह सभी चीजें फेस रीडिंग से पॉसिबल है ही नहीं।

फेस रीडिंग से आपके बारे में कुछ ही बातें बताई जा सकती है परंतु बागेश्वर धाम में चाहे पिछले 200 साल की बात हो या फिर 500 साल की बात हो सभी बातें आपको बिल्कुल सही बताई जाती है। यहां तक कि यह भी बता दिया जाता है कि आपने अभी कौन सा खाना खाया हुआ है।

आपका बैक अकाउंट नंबर क्या है, आपका फोन नंबर क्या है, आपकी गर्लफ्रेंड का नाम क्या है, आपके बॉयफ्रेंड का नाम क्या है, आपके नाम पर कितनी संपत्ति है, आपके अकाउंट में कितना पैसा बचा हुआ है, आपका किसी के साथ अवैध संबंध है अथवा नहीं, आपकी पत्नी का नाम क्या है, आप कहां पर नौकरी करते हैं इत्यादि।

पंडित धीरेंद्र कृष्णा शास्त्री की उपलब्धियां

बागेश्वर धाम का डंका देश में तो बज ही रहा है, इसके अलावा विदेशों से भी बागेश्वर धाम की कथा का आयोजन समय-समय पर होता रहता है। इसी क्रम में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 1 जून से लेकर के 15 जून तक ब्रिटेन देश में गए हुए थे, वहां पर जैसे ही एयरपोर्ट पर उनका आगमन हुआ, वैसे ही वहां पर मौजूद भक्तों के द्वारा इनका भव्य स्वागत किया गया और इसके पश्चात उन्होंने पूरे जोश के साथ राम कथा और हनुमान कथा का वाचन किया।

ब्रिटिश संसद में बागेश्वर धाम को 14 जून 2022 में संत शिरोमणि, वर्ल्ड बुक ऑफ लंदन और वर्ल्ड बुक ऑफ यूरोप का सम्मान प्रदान किया गया, जो कि बागेश्वर धाम के भक्तों के लिए तो महत्वपूर्ण है ही, इसके अलावा हमारे भारत देश के लिए भी काफी गर्व की बात है, क्योंकि एक भारतीय हिंदू का सम्मान विदेश में किया जा रहा है।

बागेश्वर धाम लेटेस्ट न्यूज़ (Dhirendra Krishna Shastri News Today)

हाल ही में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी की कथा का आयोजन लगातार 7 दिनों तक महाराष्ट्र राज्य के नागपुर शहर में हुआ था। अपनी कथा को सिर्फ 5 दिनों में खत्म करके वह वापस चले आए थे। हालांकि उसके तुरंत बाद ही अंधश्रद्धा निर्मूलन कमेटी के अध्यक्ष श्याम मानव के द्वारा बागेश्वर धाम को यह चैलेंज दिया गया कि वह यह साबित करें कि उनके द्वारा अंधविश्वास नहीं फैलाया जा रहा है।

अगर वह इस बात को साबित करने में असफल हो जाते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी और अगर वह इस बात को साबित करने में सफल होते हैं तो अंधश्रद्धा निर्मूलन कमेटी के द्वारा उन्हें ₹3500000 इनाम के तौर पर दिए जाएंगे।

इसके जवाब में बागेश्वर धाम के द्वारा कहा गया कि वह किसी भी प्रकार की चुनौती को स्वीकार करने के लिए तैयार है।

छत्तीसगढ़ में रायपुर शहर में 21 और 22 जनवरी को उनके दिव्य दरबार का आयोजन हो रहा है, वहां पर श्याम मानव आकर के जिस प्रकार से तसल्ली करना चाहते हैं उस प्रकार से तसल्ली कर सकते हैं।

बागेश्वर धाम के बाबा जी के द्वारा कहा गया कि हम हनुमान महाराज के भक्त हैं, हमें किसी का भी डर नहीं है, जो लोग कहते हैं कि दिव्य शक्तियां नहीं होती है वह हमारे दरबार में आए और साक्षात प्रमाण देखें।

धीरेंद्र शास्त्री को मिल चुकी धमकियां

बागेश्वर धाम वाले बाबा जी के द्वारा कहा गया कि हमें हमारे गुरु के द्वारा यह प्रेरणा मिल रही है कि जल्द ही हमारे खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोधियों के द्वारा षड्यंत्र रचा जाएगा, क्योंकि जब से हमने क्रिसमस के मौके पर 300 से भी अधिक आदिवासी लोगों का वापस हिंदू धर्म में वापसी करवाई है तब से ही वामपंथी और ईसाई गिरोह में खलबली मची हुई है।

गुरु के द्वारा हमें यह बताया जा रहा है कि हमें रास्ते से हटाने के लिए अलग-अलग साजिश रची जाएंगी। हालांकि हमारे साथ देश में रहने वाले सभी हिंदू हैं और हनुमान जी तथा सन्यासी बाबा का आशीर्वाद है। इसलिए हम जोरदार प्रतिकार करेंगे और हर विरोधी का मुंह बंद करेंगे।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के द्वारा कई बयान अभी तक दिए जा चुके हैं जो चर्चा में बने रहे। कुछ प्रमुख बयान निम्नानुसार है।

बुलडोजर पर बयान

योगी सरकार के द्वारा उत्तर प्रदेश के सभी अपराधों में लिप्त लोगों के घरों पर कानूनी कार्रवाई के अनुसार बुलडोजर चलाया जाता है। इस बात को बागेश्वर बाबा जी ने काफी पसंद किया।

इसलिए उन्होंने अपनी एक सभा के दरमियान यह भी कहा कि उनके पास पैसे नहीं है वरना वह भी बुलडोजर खरीद लेते और जो भी सनातन हिंदू धर्म का विरोध करता है उसके घर पर बुलडोजर चला देते हैं। इनके इस बयान पर वामपंथी गिरोह को काफी मिर्ची लगी हुई थी और काफी दिनों तक यह बयान भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा।

श्रद्धा वाकर मर्डर केस पर बयान

आफताब नाम के मुस्लिम लड़के के द्वारा अपने साथ रहने वाली और हिंदू धर्म को मानने वाली श्रद्धा नाम की लड़की के 35 टुकड़े कर दिए गए थे। इस पर बयान देते हुए बाबा जी के द्वारा कहा गया था कि हमारी सभी हिंदू बहन बेटियों को लव जिहाद से सावधान रहने की आवश्यकता है, वरना वह भी इसी तरह 35 टुकड़ों में काटी जाएंगी और जिहादियों का शिकार बनेगी।

फिल्म पठान पर बयान

शाहरुख खान अभिनीत फिल्म पठान में एक गाने में दीपिका पादुकोण ने भगवा रंग के कपड़े पहने हुए हैं और गाने का टाइटल है बेशर्म रंग। इस पर आपत्ति जताते हुए पंडित जी के द्वारा कहा गया कि आखिर किस प्रकार से भगवा रंग बेशर्मी का रंग हो गया। अगर भगवा रंग बेशर्मी का रंग है तो हरा रंग भी बेशर्मी का रंग होना चाहिए।

चादर और फादर पर बयान

अपनी एक सभा के दरमियान पंडित जी ने कहा कि हिंदुओं को चादर और फादर से दूर रहने की आवश्यकता है, क्योंकि इनसे आपका भला नहीं होने वाला है। यहां चादर के तौर पर मुसलमान और फादर के तौर पर ईसाइयों को टारगेट किया जा रहा है।

FAQs:

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की शादी हुई है या नहीं?

अभी यह अविवाहित है।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जन्म कब हुआ?

इनका जन्म 4 जुलाई 1996 को हुआ था।

धीरेंद्र कृष्ण महाराज कौन है?

यह बागेश्वर धाम के प्रमुख पीठाधीश्वर हैं और राम भक्त तथा कथावाचक है।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की उम्र कितनी है?

Dhirendra Krishna Shastri Age 26 साल हैं।

बागेश्वर महाराज क्यों प्रसिद्ध है?

बागेश्वर महाराज मन की बात जान लेने की विद्या को जानने की वजह से प्रसिद्ध है।

बागेश्वर धाम वाले गुरु जी का नाम क्या है? (Dhirendra Krishna Shastri Guru Name)

Dhirendra Krishna Shastri Ke Guru Ka Naam (Swargiya Sanyasi Baba) स्वर्गीय सन्यासी बाबा है।

बागेश्वर धाम महाराज की शादी कब होगी? (Dhirendra Krishna Shastri Is Married Or Not)

धीरेंद्र कृष्ण जी महाराज अभी शादी नहीं हुयी है और शादी के बारे में बाबा जी ने अभी कोई जानकारी नहीं दी है।

Conclusion: Dhirendra Krishna Shastri Biography in Hindi – पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जीवन परिचय

हमने इस आर्टिकल में Dhirendra Krishna Shastri Ka Jivan Parichay यानि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जीवन परिचय के बारे में सभी जानकारी प्राप्त की है।

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उम्मीद करता हु आपको धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का परिवार से जुड़े सभी जानकारी उपयोगी होगी।

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